क्रिकेट इतिहास में बल्लेबाजी के सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा ये खिलाड़ी
नाम | यशस्वी जायसवाल |
जनतिथि | 28 दिसम्बर 2001 |
पिता का नाम | भूपेंद्र जायसवाल |
माता का नाम | कंचन जायसवाल |
बल्लेबाजी | बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज |
गेंदबाजी | दाएं हाथ से लेग स्पिन गेंदबाजी |
अंतरास्ट्रीय टेस्ट डेब्यू | 12 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ |
टी 20 डेब्यू | 8 अगस्त 2023 वेस्टइंडीज के खिलाफ |
यशस्वी जायसवाल का जन्म उत्तरप्रदेश के भदोही सुरियावां में 28 दिसंबर सन्न 2001 में हुआ था| इनके पिता का नाम भूपेंद्र जायसवाल और माता का नाम कंचन जायसवाल है भूपेंद्र जायसवाल और कंचन जायसवाल की छः संताने हैं जिनमे से यशस्वी जायसवाल चौथे नंबर के पुत्र हैं यशस्वी जायसवाल के पिता हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं और माता इनकी ग्रहणी हैं यशस्वी जायसवाल मात्र 10 साल की उम्र में क्रिकेट अभ्यास के लिए मुंबई चले गए और वहां क्रिकेट अभ्यास के साथ अपने लिए रहने के स्थान ढूंढ़ने लगे उन्हें एक रहने का स्थान मिल गया जो एक छोटी सी दूध डेरी थी लेकिन यशस्वी जायसवाल डेरी में काम और ज्यादातर अपना अभ्यास करने में लगे रहते जिस कारण डेरी वाले ने उन्हें वहाँ से निकाल दिया उसके बाद वो ग्राउंड्स मैन के साथ टेंट में रहने लगे और गुजर बसर करने के लिए उन्होंने पानीपुरी बेचनी शुरू कर दी यशस्वी जायसवाल ने क्रिकेट में सफल होने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की थी|
यशस्वी जायसवाल इसी तरह से 3 सालों तक मेहनत करते रहे और अंत में उनका साथ नसीब ने भी दे ही दिया उनके अंदर के क्रिकेट टेलेंट को एक दिन ज्वाला सिंह ने देखा और ज्वाला सिंह शांता क्रूज में एक क्रिकेट अकादमी चलते थे ज्वाला सिंह ने यशस्वी जायसवाल की पूरी जिम्मेदारी ली और उन्हें रहने की जगह भी दिलवा दी उन्होंने एक पैरेंट्स की तरह यशस्वी जायसवाल की क्रिकेट सम्बंधित जरूरतें पूरी की उनकी मेहनत नतीजा यह रहा कि यशस्वी जायसवाल आज भारतीय टीम में सम्मिलित किये गए हैं
यशस्वी जायसवाल अभी एक छोटी उम्र के अंतरास्ट्रीय क्रिकेटर हैं जो भारत के लिए खेलते हैं छोटी सी उम्र में ही इन्होने क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली है और खासकर टेस्ट क्रिकेट में इन्होने सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया हैं इन्होने अपने पहले ही टेस्ट डेब्यू मैच में वेस्टंडीज के खिलाफ 12 जुलाई 2023 को अपने कॅरियर का पहला शतक लगाया था उसके बाद खासतौर पर यशस्वी जायसवाल का नाम सेलेक्टरों की नजरों में तब आया जब इन्होने इंग्लॅण्ड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में लगातार 2 टेस्ट मैचों में 2 शतक अपने नाम किये यह कारनामा करने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए इस से पहले यह कारनामा विनोद कांबली और विराट कोहली कर चुके हैं|यशस्वी जायसवाल सलामी बल्लेबाजी के रूप में खेलते हैं और ये बाए हाथ की ताबड़ तोड़ बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं आईपीएल में यशस्वी जायसवाल राजस्थान रॉयल की तरफ से खेलते हैं यशस्वी जायसवाल 2024 टी 20 विश्वकप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा भी बने थे हालाँकि उनको पुरे विश्वकप में एक भी मैच खेलने का मौक़ा नहीं दिया गया|
यशस्वी जायसवाल ओपनर के रूप में
यशस्वी जायसवाल ने ओपनर के रूप में अपनी पहचान बनाई है और इस भूमिका में वे बेहद सफल साबित हुए हैं। एक ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में उनके खेल की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. धैर्य और तकनीकी कुशलता
- यशस्वी जायसवाल का तकनीकी खेल बेहद मजबूत है। वह गेंद को देर से खेलते हैं, जिसका फायदा उन्हें स्विंग और स्पिन दोनों के खिलाफ मिलता है। टेस्ट मैचों में उनकी लंबी पारियों ने उनके धैर्य और मानसिक मजबूती को साबित किया है, जैसा कि उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट में 171 रन बनाकर दिखाया।
2. स्ट्राइक रोटेशन और बड़े शॉट्स का संतुलन
- ओपनर के रूप में यशस्वी सिर्फ डिफेंसिव खेल पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि पारी के दौरान स्ट्राइक रोटेट करते रहते हैं और समय आने पर आक्रामक शॉट्स भी खेलते हैं। आईपीएल में उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों और स्पिनरों के खिलाफ शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, जैसे कि उन्होंने 2023 के सीज़न में सबसे तेज़ अर्धशतक (13 गेंदों में) बनाकर दिखाया।
3. बड़े मैचों में प्रदर्शन
- यशस्वी बड़े मैचों में खुद को साबित कर चुके हैं। चाहे अंडर-19 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल हो या आईपीएल में मुश्किल परिस्थितियों में रन बनाना, उन्होंने यह साबित किया है कि वह दबाव में भी बड़ी पारियां खेल सकते हैं। ओपनिंग करते हुए उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह टीम को मजबूत शुरुआत देते हैं और मैच की गति को नियंत्रित करते हैं।
4. सभी प्रारूपों में सफल
- यशस्वी टेस्ट, वनडे, और टी20 तीनों प्रारूपों में ओपनर के रूप में सफल रहे हैं। टेस्ट मैचों में वह समय लेकर सेट होते हैं, जबकि सीमित ओवरों के खेल में वह तेज़ी से रन बनाते हैं। उनकी यह बहुमुखी प्रतिभा उन्हें एक आदर्श ओपनिंग बल्लेबाज बनाती है, जो किसी भी परिस्थिति में टीम को आगे ले जा सकता है।
5. बाएँ हाथ का फायदा
- बाएँ हाथ के बल्लेबाज होने के नाते यशस्वी को स्विंग गेंदबाज़ों और स्पिनरों के खिलाफ अतिरिक्त लाभ मिलता है। उनका फुटवर्क स्पिन के खिलाफ शानदार है, जो उन्हें पारी की शुरुआत में सहजता से खेलने में मदद करता है।
यशस्वी जायसवाल आईपीएल डेब्यू
यशस्वी जायसवाल को राजस्थान रॉयल ने खरीदा कारण उनके घरेलु श्रृंखला रिकॉर्ड यशस्वी जायसवाल ने ज्यादातर घरेलु मैचों में दोहरे शतक लगाए थे और वो भी बहुत काम गेंदों के ऊपर जैसे – 2015 में शील्ड मैच में नाबाद 219 रन,अंडर -19 में 318 रन, 2018 में एशिया कप अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप में यशस्वी जायसवाल बेस्ट प्लयेर ऑफ़ द टूर्नामेंट बने | साउथ अफ्रीका अंडर -19 के यूथ टेस्ट सीरीज के मैच में उन्होंने 220 गेंदों पर 173 रन बनाये | विजय हजारे ट्रॉफी में 154 गेंदों पर शानदार 203 रन बनाये|इस प्रकार के रिकॉर्ड को देखते हुए यशस्वी जायसवाल को राजस्थान ने अपनी टीम में खरीद लिया और चेन्नई के खिलाफ यशस्वी जायसवाल ने अपनी आईपीएल की पहली हाफ सेंचुरी पूरी की और उसके बाद वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 64 गेंदों में 124 रन बनाये| मई 2023 में यशस्वी जायसवाल ने आईपीएल का सबसे तेज़ अर्धशतक भी बनाया जो मात्र 13 गेंदों में बनाया था |
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में 27 जुलाई 2024 से होने वाले 3 मैचों की सीरीज में यशस्वी जायसवाल का चयन किया गया है| निश्चित ही यशस्वी जायसवाल इन शुरुवाती मौकों का फ़ायदा उठाना चाहेंगे जिस से उनका टीम इंडिआ में एक पक्का स्थान बन जाए|
निश्चित तौर पर यशस्वी जायसवाल में वो काबिलियत है कि आने वाले समय में यह खिलाड़ी बल्लेबाजी के सारे रिकॉर्ड विश्व स्तर पर तोड़ेगा यशस्वी जायसवाल की खेलने की कला बहुत शानदार है वो कहीं भी आसानी से शार्ट को खेलने में सक्षम हैं वो किसी भी फॉर्मेट में बल्लेबाजी कर सकते हैं फिर चाहे वह टेस्ट मैच हो या वनडे,टी 20 यशस्वी जायसवाल कहीं भी रन आसानी से बना सकता है |
यशस्वी जायसवाल की अब तक की कुछ महत्वपूर्ण पारियां